“शांत सागर सा गहरापन,
नील रंग में छिपी प्रार्थना।
मोरपंख की मृदु छाया में,
झलकता है प्रेम और साधना।
नयन कहें — कुछ भी न कहो,
बस देखो और मौन रहो।
कृष्ण के रूप में यह चित्र बोले,
‘शांति भीतर ही है, बाहर नहीं।’”**
“शांत सागर सा गहरापन,
नील रंग में छिपी प्रार्थना।
मोरपंख की मृदु छाया में,
झलकता है प्रेम और साधना।
नयन कहें — कुछ भी न कहो,
बस देखो और मौन रहो।
कृष्ण के रूप में यह चित्र बोले,
‘शांति भीतर ही है, बाहर नहीं।’”**
Category: Fashion Design Tags: #sketching
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